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आयातित एचआर कॉइल्स की एंटी-डंपिंग जांच शुर&#2
घरेलू इस्पात उत्पादकों की याचिका के बाद वाणिज्य विभाग की डंपिंग निरोधी महानिदेशालय इकाई (डीजेएडी) ने आयातित हॉट रोल्ड(एचआर) कॉयल्स, शीट्स और प्लेट्स की जांच शुरू कर दी है। यह आयात तक रीबन छह देशों, चीन, जापान, कोरिया, ब्राजील, इंडोनेशिया और रूस से किया जाता है। डीजीएडी ने कहा कि जुलाई-दिसंबर 2015 अवधि के बीच के कुछ उत्पादों की विशिष्टïताओं पर ध्यान जा रहा है। हालांकि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इन उत्पादों की डंपिंग घरेलू इस्पात उद्योग को नुकसान पहुंचा रही है।
 
भारतीय इस्पात संगठन (आईएसए) के महासचिव सनक मिश्रा ने कहा, 'यह निश्चित रूप से सही दिशा में उठाया गया कदम है। एचआर इस्पात एक अहम उत्पाद है और इसके सस्ते आयात पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। पिछले वर्ष एचआर इस्पात उत्पादों पर रक्षोपाय शुल्क भी लगाया गया था। संयुक्त संयंत्र समिति न आधिकारिक रूप से भारतीय लौह और इस्पात उद्योग के संदर्भ में कहा है मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष में तैयार इस्पात के कुल आयात में 20.2 फीसदी की वृद्धि रही। इस पूरे एंटी-डंपिंग मामले की जांच एस्सार स्टील, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया, जीएसडब्ल्यू स्टील द्वारा टाटा स्टील और जिंदल स्टील ऐंड पावर के साथ मिलकर सौंपी गई याचिका के बाद शुरू की गई थी। 
 
एस्सार स्टील इंडिया के प्रमुख कर्मिशयल ऑफिसर एच शिवरामाकृष्णन ने कहा कि प्रॉविजिनल एंडी-डंपिंग शुल्क में तेजी लाना अब अगला लक्ष्य है ताकि इस तरह के घटिया आयात को रोका जा सके। उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक, एचआर स्टील का वित्त वर्ष 2014 में जुलाई-दिसंबर अवधि के दौरान आयात तकरीबन 14.6 लाख टन रहा। वित्त वर्ष 2016 में इसमें 275 फीसदी की वद्धि हुई और कुल आयात 55 लाख टन पर पहुंच गया।
 
मिश्रा ने कहा, 'जिस स्थिति में आज घरेलू उद्योग है, उस स्थिति में तो हमें आने वाले महीनों में कुछ उपाय देखने को मिल सकते  हैं। यह बार-बार दोहराने वाली कहानी बनने जा रही है।' उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक सस्ते आयात से बचने के लिए तमाम उत्पादों को एंटी डंपिंग दायरे में लाने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा भी घरेलू उद्योग को बचाने की कवायद की जा रही है इसी कोशिश में पिछले वर्ष सरकार द्वारा एक निर्धारित अवधि के लिए करीब 100 उत्पादों पर एक न्यूनतम आयात मूल्य भी तय किया गया था। 
Source Name : http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117777
 
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